रायपुर। मैट्स विश्वविद्यालय और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास एवं सुविधा कार्यालय, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दि...
रायपुर। मैट्स विश्वविद्यालय और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास एवं सुविधा कार्यालय, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम ने युवाओं को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रेरित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और विशेषज्ञों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ MSME DFO रायपुर के संयुक्त निदेशक एवं प्रमुख श्री लोकेश परगनिहा के मार्गदर्शन से हुआ। उन्होंने कहा—
"आज का युवा सिर्फ नौकरी पाने की दौड़ में न लगे, बल्कि रोजगार देने वाला बने। MSME की योजनाएं युवाओं के सपनों को हकीकत में बदलने के लिए तत्पर हैं।"
तकनीकी सत्रों में मिला जमीनी मार्गदर्शन
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र विशेष रूप से जानकारी से भरपूर और प्रेरक रहे—
- श्री मोहम्मद मोहफिज, लीड बैंक मैनेजर, बैंक ऑफ बड़ौदा, रायपुर ने बैंकिंग सेक्टर में स्टार्टअप फाइनेंसिंग, ऋण प्रक्रियाएं और युवा उद्यमियों के लिए मौजूदा अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
- श्री जनेश दीवान, प्रबंधक, जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र (DTIC), रायपुर ने छत्तीसगढ़ शासन की योजनाएं, जैसे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) व मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की बारीकियों को साझा किया।
- सीए अरिहंत कुमार बोथरा ने व्यक्तिगत अनुभवों और केस स्टडी के माध्यम से विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच व जोखिम उठाने की हिम्मत विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
- श्रीमती स्वाति अग्रवाल, सहायक निदेशक, MSME DFO रायपुर ने केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाएं, जैसे स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना, और CGTMSE का सरल और प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण दिया।
कुलाधिपति और कुलपति ने छात्रों को दिए सफलता के सूत्र
कार्यक्रम में मैट्स विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया की गरिमामयी उपस्थिति ने छात्रों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया—
"स्वरोजगार के क्षेत्र में सोच को विस्तारित करें, सरकार और संस्थान आपके साथ हैं।"
मैट्स विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. यादव ने अपने वक्तव्य में कहा—
"उद्यमिता न केवल आत्मनिर्भरता की राह है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देती है। युवा यदि सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास से कदम बढ़ाएं तो वे चमत्कार कर सकते हैं।"
श्री प्रीतेश पगारिया (निदेशक जनरल) और श्री गोकुल पांडा (रजिस्ट्रार) ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि "मैट्स विश्वविद्यालय छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है, और ऐसे आयोजन उसका जीवंत प्रमाण हैं।"
आयोजन समिति की मेहनत से मिली सफलता
कार्यक्रम के अंत में MSME रायपुर और मैट्स विश्वविद्यालय की आयोजन समिति के समर्पण और सूझबूझ की सराहना की गई। उन्होंने इस जागरूकता कार्यक्रम को शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटने वाला सेतु बना दिया।
छात्रों को न केवल योजनाओं की जानकारी मिली, बल्कि एक नई सोच, आत्मविश्वास और उत्साह के साथ अपनी उद्यमिता यात्रा शुरू करने की प्रेरणा भी मिली।
कार्यक्रम का समापन इस उम्मीद के साथ हुआ कि यहां मिले ज्ञान और अनुभव युवा मस्तिष्कों में नवाचार की चिंगारी जलाएंगे, और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मजबूत भूमिका निभाएंगे।
रायपुर से दैनिक भास्कर संवाददाता की विशेष रिपोर्ट
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