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छत्‍तीसगढ़ के युवाओं में ज्यादा से ज्यादा डाक्टरी की पढ़ाई का क्रेज

  रायपुर। युवाओं का मेडिकल के प्रति रुझान बढ़ता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पांच वर्ष पहले प्रदेश से लगभग 28 हजार अभ...

 

रायपुर। युवाओं का मेडिकल के प्रति रुझान बढ़ता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पांच वर्ष पहले प्रदेश से लगभग 28 हजार अभ्यर्थी नीट परीक्षा देते थे, लेकिन इस वर्ष यह आकंड़ा लगभग 43 हजार पहुंच गया है। प्रदेश में 13 मेडिकल कालेज हैं, जिनमें 10 शासकीय और तीन निजी कालेज है। इनमें 1,910 सीटें हैं। इनमें 1,460 शासकीय और 450 सीटें निजी कालेजों में हैं। नीट के लिए आए आवेदनों से तुलना करें तो सरकारी कालेज की एक सीट के लिए लगभग 30 उम्मीदवार है। पूरी सीटों के अनुसार देखा जाए तो छात्रों की संख्या 22 गुना ज्यादा है। नीट में स्पर्धा वर्ष प्रति वर्ष बढ़ रही है। नीट के लिए आवेदन प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। पिछले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ से परीक्षा देने वालों की संख्या में 50 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है। बीते वर्षों की तुलना में इस वर्ष नीट यूजी के लिए सबसे ज्यादा पंजीयन हुए हैं। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट (नीट) यूजी-2024 पांच मई को होने वाली है। इसके लिए रायुपर भिलाई-दुर्ग, बिलासपुर को मिलाकर प्रदेश में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। वर्ष 2019 में प्रदेश के 28,391 छात्रों ने नीट के लिए रजिस्टर किए थे और इस साल 43,000 से ज्यादा आवेदन आए हैं। नीट यूजी से एमबीबीएस के अलावा बीडीएस में भी प्रवेश होगा। राज्य में एक सरकारी समेत छह डेंटल कॉलेज हैं। वहीं प्रदेश में 10 शासकीय व तीन निजी संस्थान हैं। रायपुर में 230 एमबीबीएस सीटें है। पिछले 10 वर्षों में मेडिकल कालेजों की संख्या बढ़ी है। 2014 में देश में 387 मेडिकल कालेज थे, जो इस वर्ष बढ़कर 704 हो गए हैं। 2014 की तुलना में एमबीबीएस की सीटों में भी 110 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2014 में मेडिकल की 51,348 सीटें थी, वर्तमान में 1,07948 सीटें हैं। वहीं, 56,283 सीटें सरकारी मेडिकल कालेज में हैं, बाकि बची 51,665 सीटें निजी कालेजों में हैं। 704 मेडिकल कालेजों में से 379 सरकारी कालेज व 315 निजी मेडिकल कालेज हैं। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (यूजी) में प्रवेश के लिए सत्र 2024-25 में 24 लाख पंजीकरण हुए हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष तीन लाख ज्यादा छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। पिछले सात वर्षों में एक वर्ष में सबसे ज्यादा इस बार अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ी है। पिछले नौ वर्षों से लगातार नीट के लिए ज्यादा अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में लड़कों की तुलना में लड़कियों का प्रदर्शन पिछले वर्षों में अच्छा रहा है। इस वर्ष भी मेडिकल को लेकर लड़कियों का रुझान ज्यादा है। नीट के के लिए 57.2 प्रतिशत लड़कियां और 42.8 प्रतिशत लड़कों ने आवेदन किया है। वहीं 2023 में 56.7 प्रतिशत और 2022 में 53.5 प्रतिशत लड़कियां परीक्षा में शामिल हुई थी। 2019 से यह ट्रेड चल रहा है, जिसमें परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों में 50 प्रतिशत से ज्यादा लड़कियां है।

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