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शीशे पर काली फिल्म लगाने की पाबंद, अब चलेगा रायपुर पुलिस का डंडा

   रायपुर। शहर की सड़कों पर अवैध तरीके से हूटर और काली फिल्म लगे वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। एसपी संतोष सिंह ने यातायात पुलिस को प्रमुख ...

 

 रायपुर। शहर की सड़कों पर अवैध तरीके से हूटर और काली फिल्म लगे वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। एसपी संतोष सिंह ने यातायात पुलिस को प्रमुख चौक-चौराहों पर बेरिकेड लगाकर सायरन, हूटर ब्लैक फिल्म लगे वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है। यही नहीं, बिना पद के सर्च लाइट लगे वाहन, दोपहिया पर तीन सवारी पर पुलिस फोकस कर सख्ती बरतेगी। इन दिनों शहर के आउटर, रिंग रोड में नो पार्किंग पर खड़े वाहनों पर विशेष अभियान चलाकर यातायात पुलिस लगातार चालानी कार्रवाई के साथ ही चालकों पर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज करा रही है। यातायात के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क हादसे में होने वाली ज्यादातर मौते हेलमेट न पहनने और कार चलाते समय सीट बेल्ट न लगाने के कारण हो रही है। इसे लेकर ट्रैफिक पुलिस सख्त है। इस जांच अभियान का मकसद केवल नियमों का पालन कराना है, इसलिए सख्ती बरती जा रही है। शहर की यातायात व्यवस्था को जहां जरूरत से अधिक संख्या में सड़क पर दौड़ रहे आटो, ई-रिक्शा बाधित कर रहे हैं, वहीं मंहगी लक्जरी कार में खुलेआम काला शीशा लगाकर लोग बेखौफ घूम रहे हैं। इस मामले में प्रशासन गंभीर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने काला शीशा पर प्रतिबंध लगाया गया है। बावजूद इसके सड़क पर काला शीशा, हूटर,सायरन आदि लगे सैकडों वाहन दौड़ रहे हैं। केवल नेता या रसूखदार ही नहीं कानून की रक्षक कहे जाने वाली पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी भी काली फिल्म लगे वाहनों में चलकर नियम तोड़ रहे हैं। बावजूद इसके इनको टोकने वाला कोई नहीं है।  यातायात पुलिस का अमला चौक-चौराहों पर केवल तीन सवारी, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और बिना लाइसेंस के चलने वालों पर कार्रवाई करती है। वहीं उनके सामने से रोज सैकड़ों काली फिल्म लगे चारपहिया वाहन गुजरते हैं, लेकिन उन्हें रोका तक नहीं जाता, जबकि चार पहिया वाहन में काली फिल्म लगाना गैरकानूनी है। ऐसे वाहनों पर सवार अपराधी अपराध को अंजाम देकर आसानी से पुलिस के सामने से फरार हो जाते हैं। कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जबकि सायरन कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकृत वाहनों पर ही लगाए जा सकते हैं। निजी वाहनों पर इन्हें कोई भी नहीं लगा सकता। काला शीशा लगे वाहन के अंदर कौन है, अपराधी हैं या वीआइपी, इसका पता न तो पुलिस को चल पाता है, न ही लोगों को। काला शीशा लगे वाहनों का उपयोग अक्सर आपराधिक गतिविधियों के लिए होता आया है। कारों से हत्या और अपहरण की वारदातों को अंजाम दिया जा सकता है। आपराधिक चरित्र वाले लोग अपनी पहचान छिपाने के लिए ऐसे वाहनों का उपयोग करते हैं। चाहपहिया वाहनों में हो रहे अपराध को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने काली फिल्म लगाने पर पाबंदी लगा दी है। एसपी संतोष सिंह ने यातायात पुलिस अधिकारियों से कहा है कि सायरन, हूटर और काली फिल्म लगे चार पहिया वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई करे। इस आदेश के बाद यातायात का अमला कार्रवाई करने की तैयारी में जुट गया है। एडिशनल एसपी ट्रैफिक सचिंद्र चौबे ने कहा, शहर में सायरन, हूटर, काली फिल्म लगे वाहनों पर कार्रवाई करने जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। फिलहाल रिंग रोड के किनारे और सर्विस रोड पर खड़े वाहनों पर सख्ती के साथ कार्रवाई कर उनके चालकों पर केस भी दर्ज कर रहे हैं।

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