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छत्तीसगढ़वासियों को 34,427 करोड़ रूपए की 10 परियोजनाओं की दी सौगात

  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विकसित भारत विकसित छत्तीसगढ़ संकल्प यात्रा कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा हुए शामिल रायपुर । प...

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विकसित भारत विकसित छत्तीसगढ़ संकल्प यात्रा कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा हुए शामिल

रायपुर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़वासियों को बटन दबाकर 34 हजार 427 करोड़ रूपए की 10 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास कर विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। इसमें 18 हजार 897 करोड़ रूपए की लागत वाली 9 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 15 हजार 530 करोड़ रूपए की एक परियोजना का शिलान्यास शामिल है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, पर्यटन, संस्कृति एवं स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, कृषि मंत्री राम विचार नेताम और साथ ही बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शामिल हुए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के स्टॉल भी लगाए गए और उनके हितग्राही भी उपस्थित रहे। विकसित भारत संकल्प यात्रा का यह कार्यक्रम रायपुर पश्चिम विधानसभा में सीएसईबी ग्राउंड, रायपुर दक्षिण विधानसभा में बीटीआई ग्राउंड शंकर नगर, रायपुर ग्रामीण विधानसभा में ज्ञान प्रकाश स्कूल बीरगांव, अभनपुर विधानसभा में अग्रवाल भवन में, आरंग विधानसभा में हाईस्कूल पारागांव तथा धरसींवा विधानसभा में हाई स्कूल कुरूद सिलयारी में हुआ।

लोकार्पण कार्य
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोयला मंत्रालय अंतर्गत रायगढ़ क्षेत्र में 173.46 करोड़ रूपए की ओपन कास्ट प्रोजेक्ट छाल कोल हेंडलिंग प्लांट, दीपका क्षेत्र में 211.22 करोड़ रूपए की लागत की ओपन कास्ट प्रोजेक्ट दीपका कोल हेंडलिंग प्लांट, रायगढ़ क्षेत्र में 216.53 करोड़ रूपए की लागत के ओपन कास्ट प्रोजेक्ट बरौद कोल हेंडलिंग प्लांट का लोकार्पण किया। इन तीनों ओपन कास्ट प्रोजेक्ट से रेपिड लोडिंग सिस्टम के माध्यम से लोडिंग टाईम में कमी आएगी और ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन कम होगा।

मोदी ने प्रधानमंत्री नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय अंतर्गत 907 करोड़ रूपए की लागत से राजनांदगांव जिले के 9 गांवो के 451 एकड़ क्षेत्र में निर्मित 100 मेगावाट एसी/155 मेगावाट डीसी सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत 1007 करोड़ रूपए की 2 प्रोजेक्ट अंबिकापुर से शिवनगर तक 52.40 किलोमीटर लंबाई की सड़क और बनारी से मसनियाकला तक 55.65 किलोमीटर लंबी सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग-49) का लोकार्पण किया। अंबिकापुर-शिवनगर सड़क मार्ग से रायपुर राजधानी और कोरबा ओद्योगिक क्षेत्र के साथ कनेक्टिविटी बढे़गी जिससे क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। इसी तरह बनारी-मसनियाकला सड़क मार्ग से बिलासपुर से रायगढ़/उड़ीसा बॉर्डर तक आवागमन में समय और इंधन की बचत होगी और क्षेत्र के गांवों का सामाजिक आर्थिक विकास होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत 15,799 करोड़ रूपए के 1 प्रोजेक्ट - लारा सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्लांट स्टेज-1 (2x800MW) का लोकार्पण किया। यह परियोजना छत्तीसगढ़ राज्य के रायगढ़ जिले में स्थित है। यह प्रोजेक्ट सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने रेल मंत्रालय अंतर्गत 583 करोड़ रूपए के 2 प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया जिसमें 280 करोड़ रूपए की लागत से भिलाई में 50 मेगावाट सोलर पावर प्लांट और 303 करोड़ रूपए की लागत से बिलासपुर-उसलापुर फ्लाईओवर का लोकार्पण शामिल है। 50 मेगावाट सोलर प्लांट की स्थापना से रेलगाडि़याँ चलाने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग होगा, हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

बिलासपुर-उसलापुर फ्लाईओवर (10.5 किलोमीटर) 303 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। हावड़ा की ओर से आने वाली सभी ट्रेनें बिलासपुर यार्ड से बिना किसी क्रॉसमूवमेंट के और हावड़ा-मुंबई रूट पर आवाजाही में कोई बाधा उत्पन्न किए बिना सीधे कटनी की ओर जा सकेंगी। इससे बिलासपुर में यातायात का दबाव कम होगा। साथ ही ट्रेनों की गतिशीलता में वृद्धि होगी, कृषि उत्पादों की बाजार तक आसानी से पहुंच होगी। नवनिर्मित बिलासपुर-उसलापुर रेल ओवर रेल फ्लाई ओवर पर बिलासपुर से फ्रेट ट्रेन से होकर बिलासपुर से मालगाड़ी को हरी झंडी भी दिखाई।

शिलान्यास कार्य
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऊर्जा मंत्रालय अंतर्गत रायगढ़ में लारा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्टेज-2 (2x800MW) का शिलान्यास किया। यह परियोजना क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगी। यह परियोजना आस-पास के क्षेत्र में अधोसंरचना विकास (जैसे पहुंच मार्ग, जल निकासी, संचार, परिवहन सुविधाएं इत्यादि) और सामाजिक अधोसंरचना (जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली) की उपलब्धता में और सुधार करेगी।

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