Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

सत्र चालू होते ही स्कूलों की लूट?छत्तीसगढ पब्लिक स्कूल ने बदला यूनिफॉर्म, अभिभावक परेशान

abernews रायपुर। जहां कोरोना की मार की मार अभी जनता उबर भी नहीं पायी है और महंगाई की मार जोरों पर है इसी बीच राजधानी रायपुर के प्राइवेट स्कू...


abernews रायपुर। जहां कोरोना की मार की मार अभी जनता उबर भी नहीं पायी है और महंगाई की मार जोरों पर है इसी बीच राजधानी रायपुर के प्राइवेट स्कूल छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के प्रबंधन ने बच्चों की यूनिफॉर्म बदलते हुए एक नये संस्थान को यूनिफॉर्म आदि की सप्लाई हेतु अधिकृत कर दिया है। आश्चर्य की बात ये भी है की यूनिफॉर्म खरीदी के लिए एक संस्थान भंसाली रिटेल्स पंडरी रायपुर विशेष
से ही यूनिफॉर्म लेने कहा जा रहा है?? वैसे भी अभिभावक स्कूल फीस की मार झेल ही रहें हैं। वहीं छत्तीसगढ पब्लिक स्कूल द्वारा अभिवावको को लुटा जा रहा है,एकतरफ सीबीएसई द्वारा संचालित स्कूलों को निर्देशित किया जा चुका है,अभिभावकों को स्कूल यूनिफॉर्म को लेकर परेशान नही किया जायेगा,उसी नियम को तोड़ , छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल अभिववको पर दबाव बना रही है,की  स्कूल द्वारा नया यूनिफॉर्म निर्धारित किया गया है।
अभिभावकों का कहना है कि दिसंबर मे स्कूल खुलने पर ज्यादातर अभिभावक ने स्कूल यूनिफॉर्म ले लिया था। अब अचानक नए सत्र में स्कूल द्वारा यूनिफॉर्म क्यों बदल दिया और विशेष संस्थान से यूनिफॉर्म खरीदने क्यों कहा जा रहा है।
जहां पुराने संस्थान से 1800-3500 में जूता सहित यूनिफॉर्म आ जाता था आज वही यूनिफॉर्म 4300-8000 तक आ रहा है।

वहीं अबेरन्यूज़ न्यूज़ टीम ने जब स्कूल प्रबंधन से बात कि तो उनका कहना था कि पुराना यूनिफॉर्म सप्लाई देने वाला संस्थान सप्लाई नहीं दे पर रहा था।

सवाल ये है कि जब सीबीइसई का सख्त निर्देश है कि कोरोना काल के बाद अभिभावकों को स्कूल प्रबंधन द्वारा अनायास परेशान ना किया जाये। तब इस पर राज्य सरकार स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्यवाही क्यों नहीं कर रही है?
आखिर कब तक मोटी फीस लेने वाले स्कूल अभिभावकों को यूं ही परेशान करते रहेंगे।यूनिफॉर्म लेने उनके द्वारा अनुबंधित स्टोर से ही लेने का प्रेशर क्यों?अनुबंधित दुकान सामान्य से अधिक दाम मे यूनिफॉर्म बेच रही है। स्कूलों का तानाशाही रवैया कब तक? शिक्षा विभाग कब  संज्ञान लेगा और ऐसे स्कूलों पर नकेल कसेगा??

No comments