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कांकेर में होलिका दहन की 700 साल पुरानी अनोखी परंपरा

कांकेर। शहर में होलिका दहन की 14वीं सदी यानी 700 साल पुरानी अनोखी परंपरा है। सबसे पहले होलिका दहन गढिय़ा पहाड़ पर किया जाता है। वहां से पैरे ...

कांकेर। शहर में होलिका दहन की 14वीं सदी यानी 700 साल पुरानी अनोखी परंपरा है। सबसे पहले होलिका दहन गढिय़ा पहाड़ पर किया जाता है। वहां से पैरे की मोटी रस्सी में आग लगाकर पुजारी प्रकाश भंडारी पैदल चलकर पैलेस पहुंचते हैं। इसी आग से पैलेस में होलिका दहन किया जाता है। इसके बाद कांकेर पैलेस से होलिका की आग ले जाकर लोग अपने वार्डों में होलिका दहन करते हैं। ये कहानी शुरू होती है 14वीं सदी में जगन्नाथ पुरी से। पुरी के राजपरिवार के वीर कन्हार देव को चर्म रोग था। किसी वैद्य ने उन्हें चर्मरोग से निदान के लिए कांकेर से लगे सिहावा स्थित श्रृंगी ऋ षि तपोवन जाने सलाह दी। यहां पहुंचकर उन्होंने महानदी के उद्गम स्थल में डुबकी लगाई। यहां के पवित्र जल के प्रभाव से उनका चर्मरोग दूर हो गया। सिहावा के लोगों के अनुरोध पर उन्होंने सिहावा में राजधानी बनाई। उनकी तीसरी पीढ़ी के राजा तानु देव ने कांकेर के गढ़ किले को फतह कर यहां राजधानी बनाई। गढिय़ा पहाड़ पर देवी देवताओं का वास माना जाता है। नए राजा के समय से ही इस स्थल पर होलिका दहन शुरू किया गया। रियासतकाल से चली आ रही इस परंपरा को शहर के बुजुर्ग लोग जिंदा रखे हुए हैं। कांकेर के वर्तमान महाराजा डॉ. आदित्य प्रताप देव ने बताया कि गढिय़ा पहाड़ में होलिका दहन करने की परंपरा है। वहां की पवित्र अग्नि से पैलेस और फिर पूरे शहर में होलिका दहन इस विश्वास के साथ करते हैं कि इससे नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
-होली पर जगदलपुर में 500 जवान होंगे तैनात



 जगदलपुर में होली के त्योहार को लेकर बस्तर पुलिस एक्शन मोड़ पर आ गई है। पिछले 2 दिनों से शहर में असामाजिक तत्वों के साथ तेज वाहन चलाने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। वहीं होली में सुरक्षा को लेकर पुलिस अधिकारियों के साथ जवानों ने शहर में फ्लैग मार्च भी निकाला है। यह फ्लैग मार्च बस स्टैंड से होते हुए रेलवे स्टेशन, पीजी कॉलेज समेत शहर के अन्य चौक-चौराहों से निकला। होली के दिन शहर के हर चौक चौराहों पर करीब 400 से 500 की संख्या में पुलिस बल को तैनात किया जाएगा। बस्तर जिले के एसपी जितेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि, शहर में असामाजिक तत्वों के ऊपर लगाम लगाने और कोई अप्रिय घटना न हो इसलिए हमने सभी चौक चौराहों पर कड़ी निगरानी रखी है। ताकि रंगों का त्योहार होली बेरंग न हो। सभी शांतिपूर्ण तरीके से होली का आनंद ले सकें। इधर, कोंडागांव जिले के केशकाल में ्रस्क्क राहुल देव शर्मा ने होली को लेकर शांति समिति की बैठक ली। उन्होंने कहा कि होली पर्व के अवसर पर पुलिस शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखेगी।
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