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पांच साल से रायपुर एयरपोर्ट पर खड़े बांग्लादेशी एयरक्राफ्ट की होगी नीलामी

रायपुर। पुर्जा टूटने के बाद 7 अगस्त 2015 में रायपुर एयरपोर्ट में जिस बांग्लादेशी एयरक्राफ्ट की आपातकालीन लैंडिंग करवाई गई थी वह पांच साल भी ...


रायपुर। पुर्जा टूटने के बाद 7 अगस्त 2015 में रायपुर एयरपोर्ट में जिस बांग्लादेशी एयरक्राफ्ट की आपातकालीन लैंडिंग करवाई गई थी वह पांच साल भी रायपर एयरपोर्ट पर खड़ा है। बांग्लादेश सरकार से कई बार संपर्क करने के बाद भी वे अपना विमान नहीं ले गए। इसके बाद बाद सरकार इसे नीलाम करने की तैयारी कर रही है। ज्ञात हो कि 7 अगस्त 2015 की दोपहर के वक्त अचानक रायपुर के एयर ट्रॉफिक कंट्रोल पर एमरजेंसी कॉल रिकॉर्ड हुई। प्लेन के पायलट ने परिचय देकर कहा कि मैं बांग्लादेश की टीएसी एयरलाइंस का पायलट हूं, प्लेन ढाका से मस्कट के लिए जा रहा था मगर मेरे इंजन का पार्ट टूटकर गिर गया है, हमें सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पर लैंड करने की परमिशन चाहिए। रायपुर एयरपोर्ट के अफसरों ने फौरन सारा इंतजाम किया । जब प्लेन में दिक्कत आई तो वो बेमेतरा इलाके के ऊपर मंडरा रहा था। इसके बाद प्लेन रायपुर आया।

173 यात्रियों की जान बची थी
रायपुर एयरपोर्ट में टीम फायर सेफ्टी के बंदोबस्त के साथ मुस्तैद थी। प्लेन की सेफ लैंडिंग हुई और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। प्लेन में सवार 173 यात्रियों के लिए दूसरा एयरक्राफ्ट लाया गया। इसके जरिए वो सभी सुरक्षित ढाका रवाना कर दिए गए। मगर बांग्लादेशी एयर क्राफ्ट रायपुर मे ंही रह गया। पिछले तकरीबन 5 सालों से ये प्लेन यहीं है। इसकी पार्किंग का किराया लगभग डेढ़ करोड़ रुपए हो चुका है, जोकि बांग्लादेश से रायपुर एयरपोर्ट को नहीं मिला। इस स्थिति में अब इस प्लेन को नीलाम करने की तैयारी की जा रही है।
अब प्लेन बेचने की तैयारी
रायपुर एयरपोर्ट के डायरेक्टर राकेश सहाय ने बताया कि हमने कई बार बांग्लादेश एयरलाइंस से संपर्क किया। कई चिट्ठियां भेजी गईं और ई मेल भी मगर कोई जवाब उनकी तरफ से नहीं मिला। वो न तो प्लेन को वापस ले जाने में दिलचस्पी दिखा रहे न ही इसकी पार्किंग का किराया ही पांच साल से दिया। इसलिए अब इसे नीलाम करने का प्रस्ताव हमने भेजा है। इसपर सहमति बनने के बाद कार्रवाई की जाएगी। प्लेन के अब तक रायपुर एयरपोर्ट पर खड़े रहने का किराया करीब डेढ़ करोड़ रुपए है। इस प्लेन को इस बीच ठीक भी करवाया गया था। बांग्लादेश से भी इंजीनियर रायपुर आए थे। इसकी टेस्टिंग की गई थी। रायपुर एयरपोर्ट डायरेक्टर राकेश सहाय ने बताया कि तब इसके टेक आॅफ की परमिशन बांग्लादेश की तरफ से न मिलने की वजह से प्लेन टेक आॅफ नहीं हो पाया था। इसके बाद 20 जुलाई 2018 को एयरलाइंस यूनाइटेड बांग्?लादेश के प्रतिनिधि इनायत हुसैन, सहायक प्रबंधक (इंजीनियरिंग) और कोलकाता से आए सहायक महाप्रबंधक सुभंकर बनर्जी की मौजूदगी में प्लेन को रनवे से हटाकर किनारे खाली हिस्से में खड़ा किया गया।

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