Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेशवासियों से छठ पूजा में कोरोना गाईडलाइन का पालन करने की अपील

    रायपुर , मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों से कोरोना प्रोटोकॉल और भारत सरकार की गाईडलाइन का पालन करते हुए छठ पर्व मनाने की अपील क...

 

 


रायपुर, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों से कोरोना प्रोटोकॉल और भारत सरकार की गाईडलाइन का पालन करते हुए छठ पर्व मनाने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्यौहार मनाते समय भीड़-भाड़ से बचने का प्रयास किया जाए। 

 

    छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा कंटेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्र में धार्मिक एवं अन्य कार्यक्रम आयोजन हेतु मानक संचालन प्रकिया (एस.ओ.पी.) जारी की गई है, जिसके अनुसार छठ पूजा स्थलों पर केवल पूजा करने वाले व्यक्ति ही शामिल होगे। अनावश्यक भीड़ एकत्रित न होने देने की जिम्मेदारी आयोजन समितियों की होगी। छठ पूजा स्थलों पर प्रत्येक व्यक्ति के लिए मास्क, सोशल एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग के मापदण्डों का पालन तथा समय-समय पर सेनेटाइजर का उपयोग करना अनिवार्य होगा।

 

    छठ पूजा में किसी प्रकार के जुलूस, सभा, रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। छठ पूजा स्थलों में पान, गुटखा, इत्यादि खाकर अन्यथा थूकना प्रतिबंधित रहेगा। राज्य शासन द्वारा दिये गये निर्देशानुसार छठ पूजा में प्रातः 06.00 बजे से प्रातः 08.00 बजे तक ही हरित (ग्रीन) पटाखे फोड़ने की अनुमति रहेगी। छठ पूजा स्थलों में किसी प्रकार के बाजार, मेला, दुकान इत्यादि लगाने की अनुमति नहीं होगी। छठ पूजा स्थलों में ध्वनि विस्तारक यत्रों के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। छठ पूजा स्थलों में छोटे बच्चों एवं बुजुर्ग, वृध्द को जाने की अनुमति नहीं होगी।

 

     नदी, तालाब के गहरे पानी में जा कर पूजा करने की अनुमति नहीं होगी। आयोजक, आयोजनकर्ता कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समय-समय पर कोरोना महामारी से सुरक्षा हेतु दिये जा रहे निर्देशों का कड़ाई से पालन अनिवार्य रूप से करेगें। इसके अलावा भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आदेश 04 जून 2020 के अंतर्गत जारी एस.ओ.पी. का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। निर्देशों का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 सहपठित एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1897 यथासंशोधित 2020 एवं भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 के अंतर्गत विधि अनुकूल कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

 

No comments