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सफलता की कहानी : जोखिम से सुरक्षा तक: आपदा बनी नहीं राह का रोड़ा

पीएम फसल बीमा योजना से किसान तरुण चंदेल को मिला 28 हजार रुपए का आर्थिक संबल रायपुर, 19 सितंबर 2026। किसानों की आर्थिक सुरक्षा और खेती के ...



पीएम फसल बीमा योजना से किसान तरुण चंदेल को मिला 28 हजार रुपए का आर्थिक संबल

रायपुर, 19 सितंबर 2026।

किसानों की आर्थिक सुरक्षा और खेती के जोखिम को कम करने के लिए संचालित योजनाएं विपरीत परिस्थितियों में किसानों का सहारा बन रही हैं। नारायणपुर जिले के ग्राम बिंजली निवासी किसान तरुण चंदेल की कहानी इसका उदाहरण है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल क्षति के बाद उन्हें 28 हजार रुपए की बीमा दावा राशि मिली, जिससे मुश्किल समय में उन्हें आर्थिक संबल मिला और अगली फसल की तैयारी का रास्ता आसान हुआ।

4 एकड़ खेती, मौसम की अनिश्चितता का जोखिम

तरुण चंदेल अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए पूरी तरह कृषि पर निर्भर हैं। उनके पास करीब 4 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर वे पारंपरिक और आधुनिक तकनीकों से खेती करते हैं। खेती ही आय का मुख्य जरिया होने के कारण फसल खराब होने का सीधा असर परिवार के बजट पर पड़ता है। मौसम की अनिश्चितता, कीट प्रकोप और प्राकृतिक आपदाओं के चलते फसल नुकसान का जोखिम हमेशा बना रहता था।

बीमा सुरक्षा ने संभाला नुकसान

इसी जोखिम को देखते हुए तरुण चंदेल ने वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा कराया था। आपदा के कारण फसल को नुकसान पहुंचने पर उन्होंने नियमानुसार बीमा दावा प्रस्तुत किया। विभागीय प्रक्रिया और क्षति के आकलन के बाद उन्हें 28 हजार रुपए की बीमा दावा राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त हुई।

तरुण चंदेल बताते हैं कि खेती में मौसम का कोई भरोसा नहीं रहता। फसल खराब होने पर बीज, खाद, मजदूरी के साथ परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में मिली 28 हजार रुपए की राशि ने आर्थिक दबाव कम किया और अगली फसल की तैयारी के लिए सहारा दिया।

सेवा संकल्प अभियान से योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक

राज्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान के माध्यम से किसानों को फसल जोखिम और बीमा सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ पात्र किसानों को योजनाओं से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है।

आर्थिक मदद से खेती पर भरोसा लौटा

फसल क्षति के बाद मिली बीमा राशि ने तरुण चंदेल का आर्थिक नुकसान कम करने के साथ खेती जारी रखने का भरोसा भी बढ़ाया है। उनका कहना है कि संकट के समय योजना से मिली सहायता ने उन्हें दोबारा खेती की तैयारी करने का संबल दिया।

तरुण चंदेल ने फसल नुकसान के बाद आर्थिक सहायता मिलने पर शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया और कहा कि फसल बीमा जैसी योजनाएं किसानों को अनिश्चित परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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