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बस्तर में 1,986 जगह जले दीये, शहीदों को नमन

कांकेर से सुकमा की कर्रेगुट्टा पहाड़ियों तक रोशनी; 107 हिंसा प्रभावित गांवों, 393 सुरक्षा कैंपों और 122 थानों में भी दीप प्रज्ज्वलन रायपुर...





कांकेर से सुकमा की कर्रेगुट्टा पहाड़ियों तक रोशनी; 107 हिंसा प्रभावित गांवों, 393 सुरक्षा कैंपों और 122 थानों में भी दीप प्रज्ज्वलन

रायपुर, 17 सितंबर 2026। नक्सल हिंसा से लंबे समय तक प्रभावित रहे बस्तर में गुरुवार को सेवा, शांति और विकास के संकल्प के साथ दीप जलाए गए। ‘बस्तर सेवा संकल्प अभियान’ के तहत संभाग के सातों जिलों में कुल 1,986 स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। कांकेर से लेकर झीरम घाटी, सुकमा के कोंटा और कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों तक दीयों की रोशनी दिखाई दी।

अभियान में शहीद स्मारकों और प्रतिमा स्थलों, नक्सल हिंसा से प्रभावित गांवों, पुनर्वास केंद्रों, सुरक्षा कैंपों और पुलिस थानों के साथ उन गांवों को भी शामिल किया गया, जहां कभी नक्सलियों का प्रभाव रहा था। आयोजन का संदेश हिंसा के दौर से निकलकर शांति, विश्वास और विकास की ओर बढ़ते बस्तर का रहा।

107 गांवों में शहीदों की याद में दीप

बस्तर के 107 गांवों में दीप जलाए गए, जहां पहले बड़ी नक्सल घटनाएं हुई थीं और जवानों या आम नागरिकों की जान गई थी। इनमें बीजापुर के 40, सुकमा के 31, दंतेवाड़ा के 11, नारायणपुर के 11, कांकेर के 9, कोंडागांव के 3 और बस्तर के 2 गांव शामिल हैं।

177 स्मृति स्थलों पर रोशनी

शहीद स्मारकों, प्रतिमाओं और स्मृति स्थलों के पास 177 स्थानों पर दीप जलाकर शहीदों को नमन किया गया। इसके अलावा नक्सल उन्मूलन अभियान में सुरक्षा बलों को स्थानीय लोगों का सहयोग मिले ऐसे 147 स्थानों पर भी दीप प्रज्ज्वलित किए गए।

393 सुरक्षा कैंप और 122 थाने भी रोशन

अभियान के तहत संभाग के 393 सुरक्षा कैंपों में दीप जलाए गए। इनमें बीजापुर के 130, सुकमा के 91, दंतेवाड़ा के 38, नारायणपुर के 56, कांकेर के 55, कोंडागांव के 10 और बस्तर के 13 कैंप शामिल हैं।

इसी तरह 122 पुलिस थानों में भी दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इन दीयों को बस्तर में शांति और सुरक्षा के लिए तैनात जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक बताया गया।

1,031 पूर्व नक्सल प्रभावित गांवों में भी दीप

अभियान का सबसे बड़ा विस्तार उन 1,031 गांवों में रहा, जो पहले अति नक्सल प्रभावित रहे हैं और जहां नक्सलियों का प्रभाव या डेरा रहा था। इनमें बीजापुर के 593, दंतेवाड़ा के 192, नारायणपुर के 93, कांकेर के 85, सुकमा के 32, कोंडागांव के 22 और बस्तर के 14 गांव शामिल हैं।

बीजापुर में सबसे ज्यादा 824 स्थान

सातों जिलों में बीजापुर में 824, दंतेवाड़ा में 273, कांकेर में 262, सुकमा में 245, नारायणपुर में 225, कोंडागांव में 99 और बस्तर में 58 स्थानों पर दीप जलाए गए। इस तरह कुल 1,986 स्थानों पर सेवा संकल्प की ज्योति प्रज्वलित हुई।

अभियान में जलाए गए ये दीप शहीदों के सम्मान, सुरक्षा जवानों के प्रति कृतज्ञता और बस्तर में शांति एवं विकास के संकल्प के प्रतीक रहे। जिन इलाकों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां दीपों की रोशनी के जरिए शांति और विकास के नए दौर का संदेश दिया गया।


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