——

Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

- Advertisement - Ads " alt="" />" alt="" />

0.40 हेक्टेयर के तालाब से गुलाब पटेल की बदली किस्मत, मछली पालन से 10-15 लाख का मुनाफा

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिला 1.20 लाख रुपए का अनुदान, सालाना 250 क्विंटल मछली का उत्पादन रायपुर, 22 सितंबर 2026। सारंगढ़ विकासख...



प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिला 1.20 लाख रुपए का अनुदान, सालाना 250 क्विंटल मछली का उत्पादन

रायपुर, 22 सितंबर 2026। सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम नवरंगपुर निवासी गुलाब पटेल ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अपनी 0.40 हेक्टेयर जमीन को मछली पालन का जरिया बनाया और इससे अपनी आय का नया आधार तैयार किया। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और सेवा संकल्प अभियान के तहत मिले सहयोग से उन्होंने तालाब तैयार किया। अब इस तालाब से हर साल करीब 250 क्विंटल मछली का उत्पादन हो रहा है और सभी खर्च निकालने के बाद 10 से 15 लाख रुपए तक का शुद्ध लाभ मिल रहा है।

1.20 लाख रुपए की मदद से बना तालाब

गुलाब पटेल के पास 0.40 हेक्टेयर भूमि थी। उन्होंने इसका उपयोग तालाब निर्माण के लिए करने का फैसला लिया। योजना के तहत उन्हें विभाग की ओर से 1.20 लाख रुपए का अनुदान मिला। विभागीय मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता से तालाब का निर्माण पूरा हुआ और इसके बाद उन्होंने मछली पालन शुरू किया।

वैज्ञानिक तरीके से बढ़ाया उत्पादन

तालाब बनने के बाद गुलाब पटेल ने मछली पालन को वैज्ञानिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के साथ अपनाया। नियमित देखरेख, गुणवत्तापूर्ण आहार और उचित प्रबंधन से उत्पादन लगातार बढ़ा। वर्तमान में उनके 0.40 हेक्टेयर के जलक्षेत्र से करीब 250 क्विंटल मछली का वार्षिक उत्पादन हो रहा है।

मछली की बिक्री से होने वाली आय में से उत्पादन की लागत और अन्य खर्च निकालने के बाद उन्हें हर साल करीब 10 से 15 लाख रुपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है।

छोटी जमीन, बड़ा बदलाव

गुलाब पटेल की सफलता बताती है कि सीमित भूमि का बेहतर उपयोग कर किसान अपनी आय के नए स्रोत तैयार कर सकते हैं। सरकारी योजना से मिली आर्थिक सहायता, विभागीय मार्गदर्शन और उनकी मेहनत ने खेती योग्य जमीन के एक हिस्से को आय का स्थायी साधन बना दिया।

सेवा संकल्प अभियान के तहत योजनाओं को हितग्राहियों तक पहुंचाने का उद्देश्य यही है कि सरकारी सहायता का लाभ लेकर लोग अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें। गुलाब पटेल की मछली पालन की कहानी इसी बदलाव की एक मिसाल बनकर सामने आई है।


No comments