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पौधे रोपे ही नहीं, पेड़ बनने तक सहेजे: दो साल में 70 में से आधे से ज्यादा पौधे बने वृक्ष, अब 40 और लगाए

छुईखदान। आमतौर पर पौधारोपण के बाद उसकी देखरेख की जिम्मेदारी धीरे-धीरे खत्म हो जाती है, लेकिन छुईखदान का ‘वृक्ष मित्र संगठन’ इससे अलग मिसाल प...



छुईखदान। आमतौर पर पौधारोपण के बाद उसकी देखरेख की जिम्मेदारी धीरे-धीरे खत्म हो जाती है, लेकिन छुईखदान का ‘वृक्ष मित्र संगठन’ इससे अलग मिसाल पेश कर रहा है। संगठन ने दो साल पहले लगाए 70 पौधों को सिर्फ रोपा नहीं, बल्कि उनकी लगातार देखरेख कर उन्हें पेड़ बनने तक सहेजा। इनमें आधे से अधिक पौधे अब बड़े वृक्ष का रूप ले चुके हैं। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए संगठन ने इस मानसून में 40 बड़े पौधे और लगाए हैं।

पौधों को मवेशियों और अन्य बाहरी खतरों से बचाने के लिए संगठन ने जनसहयोग से करीब एक लाख रुपए जुटाकर सीमेंट के पोल और कंटीले तारों की फेंसिंग भी कराई है। संगठन से जुड़े करीब 100 सक्रिय सदस्य पौधों की नियमित देखरेख में जुटे हैं।

फेंसिंग के लिए खुद जुटाए एक लाख रुपए

वृक्ष मित्र संगठन के सदस्यों ने पौधों को सुरक्षित रखने के लिए स्वयं अंशदान के साथ जनसहयोग से राशि जुटाई। करीब एक लाख रुपए की लागत से पौधारोपण स्थल के आसपास सीमेंट पोल और कंटीले तारों का घेरा तैयार कराया गया। इससे पौधों को मवेशियों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद मिल रही है।

सिर्फ पौधे लगाना नहीं, उन्हें पेड़ बनाना लक्ष्य

संगठन के सक्रिय सदस्य दिलीप वैष्णव ने कहा कि पौधारोपण कर औपचारिकता पूरी करना संगठन का उद्देश्य नहीं है। पौधों को नियमित खाद-पानी देना और उनकी सुरक्षा करना उतना ही जरूरी है। जब तक पौधा पेड़ का रूप नहीं ले लेता, तब तक उसकी देखभाल की जिम्मेदारी निभानी होगी।

पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष शांति लाल सांखला ने कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण जरूरी है। वृक्ष मित्र संगठन ने जिस तरह पौधों को संरक्षित करने का बीड़ा उठाया है, वह सराहनीय है।

किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष देवराज किशोर दास ने कहा कि अंधाधुंध पेड़ों की कटाई से पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ रहा है। प्राकृतिक बदलाव और कई नई बीमारियों के बढ़ने के पीछे पर्यावरण से छेड़छाड़ भी एक कारण है। धरती को लाखों पेड़ों की जरूरत है और इस दिशा में वृक्ष मित्र संगठन का प्रयास काबिल-ए-तारीफ है।

पूर्व वन परिक्षेत्र अधिकारी अशोक कुमार वैष्णव ने कहा कि वन विभाग हर वर्ष वन महोत्सव के माध्यम से लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करता है। जनभागीदारी से अब यह संकल्प जमीन पर साकार होता दिखाई दे रहा है।

वृक्षारोपण कार्यक्रम में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष शांति लाल सांखला, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवराज किशोर दास, पूर्व वन परिक्षेत्र अधिकारी अशोक कुमार वैष्णव, डॉ. शियाराम साहू, विक्रांत चंद्राकर, ज्ञान यादव, एल्डरमैन अर्जुन महोबिया, मोना मिश्रा, हेमलता वैष्णव, डॉ. भद्र, प्रदीप श्रीवास्तव, प्रेम किशन श्रीवास, नवीन डे, मनोज कोचर, राजेश मिश्रा, गौतम सेन, शरद श्रीवास्तव, संदीप श्रीवास्तव, राजकुमार वैष्णव, अंशुल सोनी, सत्यम महोबिया, बंटी भालेकर, किशन सिलोटिया, बंटी मारुतकर, धर्मेंद्र सिंह राजपूत, बबलू संचेती, कुशाल सिंह धुर्वे, दिग्विजय दास वैष्णव, राधेश्याम देवांगन, नरेश देवांगन, पवन ददरया, पीयूष महोबिया और उद्यो चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में नगरवासी एवं पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।

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