रायपुर, 23 मई 2026 / महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत लंबित मजदूरी भुगतान जारी होने से प्रदेश के हजार...
रायपुर, 23 मई 2026 / महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत लंबित मजदूरी भुगतान जारी होने से प्रदेश के हजारों श्रमिक परिवारों को बड़ी राहत मिली है। मजदूरी राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक चिंताएं कम हुई हैं और घर-परिवार की जरूरी जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिली है।
ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि गरीब और श्रमिक परिवारों की आजीविका का मजबूत आधार बनकर सामने आ रही है। समय पर मजदूरी भुगतान होने से श्रमिकों के चेहरे पर संतोष और भरोसा दिखाई दे रहा है।
बलरामपुर जिले के विकासखंड वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम रजखेता निवासी श्रमिक श्री महेंद्र सिंह ने मनरेगा के तहत तालाब गहरीकरण कार्य में मेहनत की। मजदूरी भुगतान लंबित होने से परिवार के दैनिक खर्च, राशन और बच्चों की जरूरतों को लेकर चिंता बनी हुई थी। खाते में मजदूरी राशि पहुंचते ही उन्हें बड़ी राहत मिली। उन्होंने बताया कि अब परिवार की आवश्यकताओं को समय पर पूरा कर पा रहे हैं और सीधे खाते में भुगतान होने से पारदर्शिता भी बढ़ी है।
इसी गांव की श्रमिक श्रीमती मानमती ने बताया कि मनरेगा उनके परिवार की आय का प्रमुख सहारा है। मजदूरी राशि मिलने के बाद उन्होंने घर की जरूरी सामग्री खरीदी और घरेलू खर्चों को पूरा किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी योजनाएं ग्रामीण परिवारों के लिए कठिन समय में आर्थिक संबल बन रही हैं।
प्रदेश में मनरेगा के माध्यम से लगातार रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ मजदूरी भुगतान प्रक्रिया में भी तेजी लाई जा रही है। इसका सकारात्मक असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। समय पर भुगतान से श्रमिकों का शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है और गांवों में राहत एवं संतोष का वातावरण बना है।
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