रायपुर, 02 फरवरी 2026। केंद्रीय बजट 2026 में छत्तीसगढ़ को रेलवे के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा आवंटन मिला है। माननीय रेल मंत्री श्री अश्...
रायपुर, 02 फरवरी 2026। केंद्रीय बजट 2026 में छत्तीसगढ़ को रेलवे के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा आवंटन मिला है।
माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रायपुर रेल मंडल के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ को मिले रेल बजट पर विस्तार से चर्चा की और मीडिया कर्मियों को संबोधित किया।
रेल मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ को 7,470 करोड़ रुपये का वार्षिक औसत रेल बजट आवंटित किया गया है, जो वर्ष 2009-14 के दौरान मिलने वाले 311 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 24 गुना अधिक है। यह आवंटन राज्य में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के ऐतिहासिक विस्तार की नींव रखेगा।
51,080 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट पर काम जारी
रेल मंत्री ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में इस समय कुल 51,080 करोड़ रुपये की लागत के रेल कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें नई रेल लाइनें, स्टेशनों का पुनर्विकास और सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। इस निवेश से राज्य के हर हिस्से में रेल सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा।
अमृत स्टेशन योजना में 32 स्टेशन होंगे आधुनिक
छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को अमृत स्टेशन योजना के तहत पूर्ण रूप से पुनर्विकसित किया जा रहा है। इसके लिए 1,674 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
अब तक डोंगरगढ़ (फेज-1), अंबिकापुर, भानुप्रतापपुर, भिलाई और उरकुरा—इन 5 स्टेशनों का कार्य पूर्ण हो चुका है, जहां यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं।
प्रीमियम ट्रेनों से बेहतर कनेक्टिविटी
राज्य में रेल कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई मिली है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ से
वंदे भारत एक्सप्रेस की 2 जोड़ियां,
अमृत भारत एक्सप्रेस की 1 जोड़ी
का संचालन किया जा रहा है, जिससे यात्रा समय कम हुआ है और सुविधाएं बढ़ी हैं।
1200 किमी नई रेल लाइन, 100% विद्युतीकरण
रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद से छत्तीसगढ़ में लगभग 1200 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई गई है, जो यूएई के पूरे रेल नेटवर्क से भी अधिक है।
इसके साथ ही राज्य में रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है। वर्ष 2014 के बाद से 366 किलोमीटर रेल लाइन का विद्युतीकरण किया गया है।
इसके अलावा 170 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया गया है, जिससे यातायात बाधाएं कम हुई हैं।
बस्तर-जगदलपुर और फ्रेट कॉरिडोर पर जोर
रेल मंत्री ने बताया कि बस्तर से जगदलपुर रेल परियोजना पर कार्य प्रारंभ किया जा रहा है, जिससे आदिवासी अंचल को सीधा रेल लाभ मिलेगा।
वहीं परमालकसा–खरसिया रेल परियोजना को फ्रेट कॉरिडोर के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बताया गया। यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ को आपस में जोड़ेगा और औद्योगिक विकास को गति देगा।
यात्री ट्रेनों की संख्या होगी दोगुनी
रेल मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से विस्तार के चलते छत्तीसगढ़ में पैसेंजर, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी, जिससे आम यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
रायपुर मंडल में हुई चर्चा
इस अवसर पर रायपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री दयानंद ने स्थानीय मीडिया से संवाद करते हुए रेल बजट के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री बजरंग अग्रवाल, सहायक वाणिज्य प्रबंधक श्री अविनाश कुमार आनंद, वरिष्ठ प्रचार निरीक्षक श्री शिवप्रसाद सहित रायपुर मंडल के जनसंपर्क कर्मी एवं बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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