Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

मुख्यमंत्री का कथन सत्य नक्सली और संघ दोनों समाज के लिये घातक : सुशील आनंद शुक्ला

एक गोली से समाज को नुकसान कर रहा, दूसरा सांप्रदायिक विद्वेष फैलाकर abernews रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान छत्तीसगढ़ के आरएसएस का नाग...


एक गोली से समाज को नुकसान कर रहा, दूसरा सांप्रदायिक विद्वेष फैलाकर
abernews रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान छत्तीसगढ़ के आरएसएस का नागपुर और नक्सलियों का आन्ध्र से संचालन होता है यहां पर केवल बंधुआ मजदूर है। कांग्रेस ने समर्थन किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने संघ की हकीकत को सामने रखा है। कवर्धा तनाव के बाद आरएसएस की जो गतिविधियां एक बार फिर से सामने आई है उससे साफ हो गया कि छत्तीसगढ़ के आरएसएस के कार्यकर्ता नागपुर के हाथों की कठपुतली है। यदि आरएसएस का संचालन छत्तीसगढ़ के लोग कर रहे होते उनमें जरा भी छत्तीसगढ़ के प्रति लगाव होता अपने ही प्रदेश के दंगा भड़काने की साजिश नहीं रची जाति। जिस प्रकार नक्सलियों के बड़े नेता आन्ध्र, तेलंगाना में बैठकर राज्य के नक्सलियों को संचालित कर उनसे राज्य के ही लोगों पर गोली चलवाते है। वैसे ही संघ के नागपुर में बैठे लोग छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं को दिग्भ्रमित कर अपने ही प्रदेश के लोगो के खिलाफ दंगा करवाते है।


प्रदेश कांग्रेस कमेटी संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जिस तरह की कट्टरता और नफरत नक्सलियों में देखी जाती है वैसी ही कट्टरता और विद्वेष आरएसएस कार्यकर्ताओं में नजर आता है। आरएसएस और नक्सलियों का मूल चरित्र एक ही है एक गोली और हिंसा से प्रदेश नुकसान कर रहा दूसरा सांप्रदायिक तनाव फैलाकर धार्मिक और जातीय हिंसा भड़का कर प्रदेश की गंगा जमुनी तहजीब पर प्रहार करने की कोशिश करता है। दोनो ही देश और समाज के लिये घातक और नुकसान देह है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि भाई-भाई को लड़ाना, जातिवाद, हिन्दु मुस्लिम के बीच विवाद, सांप्रदायिक दंगे करवाना आरएसएस और भाजपा का इतिहास रहा है जिससे देश और प्रदेश की जनता भलिभांति परिचित हैं। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में हुयी हिंसा पर भाजपा और आरएसएस के किसी भी नेता ने शांति की अपिल नहीं की। जिससे यह साफ नजर आ रहा है कि इस कृत्य के पर्दे के पीछे नागपुर के आरएसएस के मुख्यालय के निर्देशों का पालन किया गया है। मामले को सुलझाने के बजाये भाजपा और आरएसएस ने इसे उलझाने का काम किया है।



No comments