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भक्ति संगीत के एलबम में छत्तीसगढ़ के विधायक विकास उपाध्याय की धमाकेदार एंट्री

  देखें नेता से अभिनेता के रूप में बढ़ते कदम रायपुर। जी हां, भले ही आप किसी खास क्षेत्र में काम तो करते हैं कि आपके व्यक्तिव के अंदर एक साख ...


 देखें नेता से अभिनेता के रूप में बढ़ते कदम
रायपुर। जी हां, भले ही आप किसी खास क्षेत्र में काम तो करते हैं कि आपके व्यक्तिव के अंदर एक साख तरह का कलाकार भी छिपा होता है। वो भले ही घर में या एकांत में गाना गुनगुना लेते हैं, लेकिन जब अपने इष्ट देव के भक्ति में आपका मन कर्म के साथ डूबा हो जाहिर है कि खुद को रोक पाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। कुछ इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ के विधायक और युवाओं के ऑइकान बन चुके विकास उपाध्याय अब अपनी पूरे देश में भक्ति संगीत के एलबम की दुनिया में प्रवेश कर सभी को चौंका दिया। जनसेवा के साथ भक्ति संगीत के क्षेत्र में इनकी रूचि बराबर बनी रहती थी। जिसे साकार करने के लिए उनके भक्ति भाव में सुंदरकांड का पाठ करने की रुचि को देखकर गीतकार और एलबम निर्माताओं ने उनसे संपर्क किया। जिसमें मोहन सुंदरानी के एलबम में वे कलाकार के रूप में नजर आ रहे हैं।
फिर क्या था, उन्होंने भक्ति संगीत की कुछ लाइनें बताईं। इसके बाद उन्होंने अपने प्रभु की भक्ति को एलबम में कलाकार के रूप में अभिनय के रूप में काम करने के लिए सहर्ष स्वीकार कर लिया। ऐसा हो भी क्यों न जिसका मन जनसेवा के साथ भगवान राम और कृष्ण की भक्ति में डूबा हो। विधायक विकास उपाध्याय ने एलबम में किसी मंजे हुए कलाकार के रूप में अपने अभिनय से खुद के अंदर की प्रतिभा का लोहा मनवा दिया। सेवाभाव से विकास उपाध्याय लोगों के दिलों में जगह बना चुके हैं। अक्सर से किसी भी समय जब भी जनता की सेवा करने का मौका मिलता है। वे उसमें सबसे आगे नजर आते हैं। पूरे कोरोनाकाल से लेकर अब वैक्सीनेशन की व्यवस्था तक वे खुद सुबह-सुबह वैक्सीनेशन और अस्पतालों में देखने के लिए पहुंच जाते हैं। इतना ही नहीं राहुल गांधी ने जब से उन्हें राष्ट्रीय सचिव बनाया है, तब से वे असम से लेकर तमाम राज्यों में पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारी को भी निभाने से पीछे नहीं रहे। राहुल गांधी के उम्मीदों पर खरा उतरकर वे धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर भी अपनी पहचान बनाने में कामयाब होते दिख रहे हैं। जब भी वे सुबह-सुबह मार्निंग वॉक पर निकलते हैं तो अनुपम उद्यान हो या पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय का कैंपस। अगर वहां युवाओं की टोली के साथ उन्हें खेलती हुई दिखती है तो वे भी दंड-बैठक या एक्सरसाइज करने से भी नहीं चूकते हैं। मीडिया या सोशल मीडिया में तस्वीरें आती रहती हैं। इससे उनके इस अंदाज-ए-जुदा पर अब उनकी विधानसभा ही नहीं पूरे प्रदेश के युवाओं के वे आइकान बन चुके हैं।
मन में न अभिमान और न ही स्वभाव में शान
कहते हैं जब कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलती है तो उसके मन में अभिमान या शान-ओ-शौकत आ जाना लाजमी है। लेकिन विकास उपाध्याय के स्वभाव पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ता है। वे मानते हैं, जो कुछ हैं वो जनता के प्यार और प्रभु के आशीर्वाद से। उनका कहना है कि व्यक्ति को उसका कर्म की जीवन के पथरीले रास्ते में चलना और उस पर सफल बनाता है। जिंदगी भले ही एक जंग का मैदान है, इससे लडऩे और जूझने में अपने मन और मस्तिक को शांत कर उसका सामना करना चाहिए। बनावटीपन को दरकिनार कर एक आम आदमी की जिंदगी जीने में जो मजा है, वह खास बनकर नहीं है।

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