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मध्यप्रदेश : शराब के साथ मिलेगा बिल, सरकार ने लागू किया नियम

  abernews  भोपाल । यदि आप भी पीने पिलाने के शौक़ीन हैं तो जनाब यह खबर आपके लिये है।  जितनी पियो,जैसे भी पीयो ! पीने के साथ उस पर खर्च होने क...

 

abernews  भोपाल । यदि आप भी पीने पिलाने के शौक़ीन हैं तो जनाब यह खबर आपके लिये है।  जितनी पियो,जैसे भी पीयो ! पीने के साथ उस पर खर्च होने का हिसाब भी रख सकतें हैं ।
और हाँ जाम छलकाने वालों के साथ शराब की दुकानों पर कोई धोखा भी नहीं हो सकेगा ।

क्योंकि शराब के साथ अब,उसका बाकायदा बिल भी मिलेगा। वैसे यह खबर महिलाओं के लिए भी है ? क्योंकि पतिदेव की शराबखोरी का पक्का चिट्ठा अब आपकी मुट्ठी  में आ सकता है ।

जी हाँ मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने एक नया कायदा बनाया है | जिसके अनुसार,प्रदेश में शराब की दुकानों पर एक सितंबर से खरीदी पर कैश मेमो मैन्युअल मिलेगा । सरल भाषा में अब शराब की हर खरीदी पर बिल भी दिया जाएगा | शराब विक्रेता को हर नग यानी छोटी-बड़ी सभी बोतल का कैश मेमो देना होगा । कायदे के सम्बन्ध में 19 अगस्त को आबकारी आयुक्त ने आदेश ज़ारी कर दिए थे | जिसका पालन एक सितंबर से किया जाना अनिवार्य है |  लाइसेंस धारी शराब विक्रेता कैश मेमो प्रिंट कराकर उसका प्रमाणीकरण भी कराएंगे।  बिल बुक का उपयोग होने पर उसके काउंटर पार्ट या कार्बन कापी दुकानदार (लाइसेंस धारी) द्वारा शराब की ठेका अवधि समाप्त होने तक 31 मार्च 2022 तक रखना अनिवार्य होगा।

बिल देने को लेकर सरकारी आदेश ज़ारी हो चुके हैं | सख्ती से पालन किया जाए यह भी साफ़ साफ़ आदेश हैं | लेकिन शराब विक्रेता से लेकर महकमे के सामने कुछ बड़ी चुनौतियाँ भी हैं,जिसको लेकर सभी के चेहरे पर लम्बी चिंता की लकीरें खिंची पड़ी हैं | शराब के धंधे में मुनाफ़े को लेकर कई दांव पेंच हैं | ऐसे में हर बोतल का बिल ज़ारी किए जाने से विक्रेताओं का मोटा मुनाफा दुबला हो सकता है | मनमाने रेट पर शराब बेचना आसान न होगा | वही महकमे के सामने बड़ी दिक्क्त है कि कैसे यह नज़र रही जाए कि ,ग्राहक को बिल दिए जा रहा है या नहीं ? साथ ही शराब दुकानों पर शाम के वक्त लम्बी लम्बी कतारें होने पर सभी ग्राहकों को बिल के साथ भीड़ को नियंत्रित करना आसान न होगा |  नए आदेश के बाद भी शराब कारोबारियों की मनमानी का अंदेशा है, इसलिए विभाग ने कड़ी मानीटरिंग का दावा किया है। 

आदेश का पालन सुचारु रूप से हो और ग्राहकों को किसी भी प्रकार की दिक्क्त का सामना न करने पड़े | इसके लिए  शराब दुकानों पर अधिकृत अफसर के मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि अगर कोई ज्यादा राशि वसूले तो उसकी शिकायत की जा सके।

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